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रविवार, 18 मार्च 2018

सामान्य ज्ञान कर्रेंट अफेयर्स

समाचार प्रभात

18-03-2018

समाचार प्रभात

0800

मुख्य समाचार:-

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा- सरकार, सभी के विकास मंत्र के माध्यम से गरीबों और निम्‍न मध्‍यम वर्ग के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के प्रयास कर रही है।

भारत ने पाकिस्‍तान से इस्‍लामाबाद में भारतीय उच्‍चायोग के अधिकारियों और उनके परिवारजनों के साथ दुर्व्‍यवहार की घटनाओं की छानबीन करने को कहा।

बिहार में सीतामढ़ी जिले में बस दुर्घटना में 14 लोगों  की मौत, 41 घायल।

मॉरिशस की राष्ट्रपति अमीना गुरिब फकीम ने वित्‍तीय घोटाले के आरोप के बाद त्यागपत्र दिया।

रूस में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान जारी।

देश के विभिन्‍न भागों में भारतीय नववर्ष का परम्परागत उल्‍लास।

तीन देशों की टवेंटी- टवेंटी क्रिकेट श्रृंखला के फाइनल में आज कोलंबो में भारत का मुकाबला बांग्‍लादेश से।  

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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि सरकार विकास मंत्र   के माध्यम से गरीबों और निम्‍न मध्‍यम वर्ग के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। नई दिल्‍ली में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्‍यम से कल प्रधानमंत्री ने आंध्रप्रदेश के श्रीसेलम में उगाडी उत्‍सव को सम्‍बोधित किया।

हमारा प्रयास रहा है कि हर योजना तय लक्ष्य के साथ बनाई जाये और तय समय में पूरी हो जाये। आज इसी कार्यशैली का प्रभाव है कि सिर्फ चार वर्ष के भीतर देश में 31 करोड़ से ज्यादा गरीबों के जन-धन एकाउंट खुले। सिर्फ 90 पैसे प्रतिदिन और एक रूपये महीने के प्रीमियम पर हमारी सरकार ने 18 करोड़ गरीबों को बीमा कवच प्रदान किया है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि सरकार जन आंदोलन की शक्ति को समझती है और उसने इसे महत्‍वपूर्ण माना है। उन्‍होंने कहा कि जन भागीदारी के कारण स्‍वच्‍छ भारत के तहत स्‍वच्‍छता दायरा दोगुना हो गया है।

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भारत ने पाकिस्‍तान सरकार से इस्‍लामाबाद में भारतीय उच्‍चायोग के अपने अधिकारियों के साथ दुर्व्‍यवहार से संबंधित घटनाओं की छानबीन करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार भारतीय उच्‍चायोग ने अपने अधिकारियों के साथ हुए दुर्व्‍यवहार और उन्हें धमकाये जाने का विरोध करते हुए पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय को एक और नोट भेजा है। इस विषय पर 12वां ऐसा राजनयिक नोट भेजा गया है।

सूत्रों के अनुसार पाकिस्‍तान सरकार को भेजे नोट में भारतीय उच्‍चायोग ने दुर्व्‍यवहार की दो घटनाओं का स्‍पष्‍ट उल्‍लेख किया है। एक घटना कल हुई, इससे पहले की घटना 15 मार्च को हुई थी।

खबर है कि भारतीय उच्‍चायोग के कुछ अधिकारियों का इस्‍लामाबाद में खरीददारी करते समय दो लोगों ने पीछा किया और उन्हें अपशब्द कहे।

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बिहार में सीतामढ़ी के रुन्नी सैदपुर थाना क्षेत्र में कल शाम एक बस दुर्घटना में 14 लोग मारे गये और 41 घायल हो गए। सूत्रों ने बताया कि बस में लगभग 60 यात्री थे। ब्योरा हमारे संवाददाता से -

बस दुर्घटना में मरने वालों में आठ पुरूष और छह महिलाएं शामिल हैं।  तीन को छोड़कर सभी मृतकों की पहचान हो चुकी है। 41 घायल यात्रियों का इलाज मुजफ्फरपुर के एस के एम सी एच में चल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के निकटतम आश्रित को चार-चार लाख रूपये अनुग्रह राशि दिये जाने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने घायल यात्रियों का मुफ्त इलाज करने का भी निर्देश दिया है। आकाशवाणी समाचार के लिए पटना से कृष्ण कुमार लाल

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राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविन्‍द आज पुरी में भगवान  जगन्‍नाथ मंदिर में पूजा अर्चना कर रहे हैं। वह पुरी के राष्‍ट्रीय संस्‍कृत संस्‍थान के शताब्‍दी समारोह को भी संबोधित करेंगे। श्री कोविन्‍द ओडिशा की दो दिन की यात्रा पर कल भुवनेश्‍वर पहुंचे थे।

आज दोपहर बाद राष्‍ट्रपति भारतीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, भुवनेश्‍वर के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे और रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्‍थान-भारतीय तेल निगम के भुवनेश्‍वर परिसर का उद्घाटन करेंगे।

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मॉरिशस की राष्ट्रपति अमीना गुरिब फकीम ने विलासिता की वस्तुएं खरीदने के लिए क्रेडिट कार्ड के दुरूपयोग से संबंधित घोटाले से उत्पन्न विवाद के बाद अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है।

यह आरोप लगाया गया था कि फकीम ने लंदन स्थित प्लेनेट अर्थ इंस्टीट्यूट द्वारा दिए गए क्रेडिट कार्ड से आभूषण और वस्त्र समेत कई तरह की निजी खरीददारी की थी।

अफ्रीका महाद्वीप में एकमात्र महिला राष्‍ट्राध्यक्ष गुरिब फकीम जानी-मानी अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक हैं।

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रूस में आज राष्ट्रपति चुनने के लिए मतदान शुरू हो गया। मतदान पूर्व सर्वेक्षण में राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को लगभग 70 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। श्री पुतिन राष्ट्रपति के रूप में पहली बार सन 2000 में निर्वाचित हुए थे। उन्‍हें राष्ट्रपति के रूप में एक और कार्यकाल मिल जाने से वह लगभग 25 वर्ष सत्ता में रह पाएंगे।

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रूस ने ब्रिटेन के साथ बढ़ते राजनयिक विवाद पर प्रतिक्रिया करते हुए ब्रिटेन के 23 राजनयिकों को बर्खास्त कर दिया है। रूस ने कहा कि वह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सम्बन्धों को बढ़ावा देने वाले संगठन ब्रिटिश काऊंसिल और सेन्ट पीटर्सबर्ग में ब्रिटेन के महावाणिज्य दूतावास को भी बन्द कर रहा है।

इस बीच ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह मित्रता के प्रतिकूल कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है।

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समूचे देश में आज नववर्ष उत्‍सव चैत्र शुक्‍लादि, उगाडी, गुडी पड़वा, चेटी चंद, नवरेह और सजिबु चिराउबा मनाये जा रहे हैं। चैत्र नवरात्र की शुरूआत भी आज से ही होती है। राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी हैं।

श्री रामनाथ कोविंद ने अपने संदेश में कहा कि देश के अलग-अलग भागों में विभिन्‍न ढंग से मनाये जाने वाले ये त्योहार विविधता में एकता को दर्शाते हैं।

उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकेया नायडू ने लोगों से अपनी मातृ भाषा और संस्‍कृति का सम्‍मान करने का आह्वान किया है। कल शाम हैदराबाद के राजभवन में युगादि समारोह को संबोधित करते हुए श्री नायडू ने संस्‍कृ‍ति, भाषा और इतिहास को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने और स्‍थानीय भाषा को रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर बल दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने नववर्ष के असवर पर सामाजिक कुरीतियों को समाप्‍त करने का आह्वान किया है।

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हिमाचल प्रदेश में चैत्र नवरात्र उत्सव आस्था और उल्लास से शुरू हुआ। विभिन्न मंदिरों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस छोटे पहाड़ी प्रदेश में मां दुर्गा के पांच ऐतिहासिक शक्तिपीठ चिंतपूर्णी, नयनादेवी, ज्वालामुखी, वज्रश्री देवी और चामुंडा देवी स्थित हैं। इसीलिए हिमाचल प्रदेश को देवभूमि के नाम से भी जाना जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालू सुबह से ही इन शक्ति पीठों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। सभी मंदिरों को रंग-बिरंगे फूलों से शानदार ढंग से सजाया गया है। मंदिरों में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किये गये हैं। शिशु शर्मा शांतल, आकाशवाणी समाचार, शिमला

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उत्‍तर प्रदेश में मिर्जापुर के प्रसिद्ध विंध्‍यवासिनी मंदिर में नवरात्र अनुष्‍ठान के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

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महाराष्ट्र में मराठी नववर्ष के प्रारम्भ गुडी पड़वा के अवसर पर गोंदिया जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में भर्ती अभियान शुरु किया है।

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तीन देशों की टवेंटी- टवेंटी क्रिकेट श्रृंखला के फाइनल में आज भारत का मुकाबला बांग्‍लादेश से होगा। यह मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्‍टेडियम में भारतीय समयानुसार शाम सात बजे शुरू होगा। आकाशवाणी से इस मैच का आंखों देखा हाल शाम साढ़े छह बजे से प्रसारित किया जाएगा।

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बर्मिघम में ऑल इंग्‍लैण्‍ड ओपन बैडमिंटन चैम्पियनशिप के महिला सिंगल्स सेमीफाइनल में जापान की अकाने यामागुची ने पी.वी. सिंधु को रहा दिया है।

से‍मीफाइनल में सिंधु की हार के साथ इस प्रतियोगिता में भारत की चुनौती समाप्‍त हो गई है।

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महिला क्रिकेट में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों की श्रृंखला का अंतिम मैच आज ग्वालियर में खेला जाएगा। मैच सुबह नौ बजे से शुरू होगा।

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समाचार पत्रों से:-

अखबारों ने फसलों की लागत में खेती के सभी खर्चे शामिल होने की प्रधानमंत्री की घोषणा को सुर्खी बनाया है साथ ही 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के काम में लगी सरकार के इरादों और कार्यों को महत्‍व के साथ प्रकाशित किया है।

लगभग सभी अखबारों ने कांग्रेस के 84वें महाधिवेशन में पारित राजनीतिक प्रस्‍तावों की भी विस्‍तार से चर्चा की है। राष्‍ट्रीय सहारा का शीर्षक है चुनाव पूर्व यूपीए तीन बनेगा, जनसत्‍ता ने लिखा है-कांग्रेस ने आम चुनावों की तैयारियों के संकेत दिए, कहा-समान विचारधारा वाले दलों से गठजोड़ करेंगे। हिन्‍दुस्‍तान की पहली खबर है कि कांग्रेस ने भाजपा पर सत्‍ता के लिए गुस्‍से की राजनीति का आरोप लगाया। पत्र ने साथ ही पलटवार शीर्षक से खबर दी है-मोदी बोले देश के माहौल को निराशाजनक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

अमर उजाला ने बॉक्‍स में एस टी एफ का बड़ा खुलासा शीर्षक से लिखा है-मेरठ विश्‍वविद्यालय में कॉपिंया बदलने का धंधा, एल एल बी सहित कई पाठ्यक्रमों में गड़बड़ी, 600 मुन्‍ना भाई बना दिए डॉक्‍टर। नवभारत टाइम्‍स की सुर्खी है-दो लाख में कॉपी बदलकर बनते थे एम बी बी एस डॉक्‍टर।

जनसत्‍ता के पहले पन्‍ने की खबर है-वाहन कबाड़ नीति को मंजूरी। 20 साल पुराने वाणिज्यिक वाहन बनेंगे कबाड़।

देश के विभिन्‍न भागों में नववर्ष की विशेषताओं और मान्‍यताओं से संबंधित आलेख अखबारों के रविवारीय परिशिष्‍ट पर छापे गए हैं।

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सोमवार, 13 नवंबर 2017

jai mata di



ऐसे करें आराधना
शास्त्रों में मां दुर्गा के 108 नाम बताए गए हैं। ऐसी मान्यता है कि नवरात्र में प्रतिदिन सभी 108 नामों का उच्चारण करने से आपकी सभी इच्छाएं पूरी होती है। इसके लिए नवरात्र में प्रतिदिन स्नान करने के बाद शुद्ध आसन पर बैठकर मां दुर्गा के इन सभी नामों का स्मरण करें और बाद में आरती कर मौजूद भक्तनों में प्रसाद वितरित करें

1. सती : अग्नि में जल कर भी जीवित होने वाली
2. साध्वी : आशावादी
3. भवप्रीता : भगवान शिव पर प्रीति रखने वाली
4. भवानी : ब्रह्मांड में निवास करने वाली
5. भवमोचनी : संसारिक बंधनों से मुक्त करने वाली
6. आर्या : देवी
7. दुर्गा : अपराजेय
8. जया : विजयी
9. आद्य : शुरुआत की वास्तविकता
10. त्रिनेत्र : तीन आंखों वाली
11. शूलधारिणी : शूल धारण करने वाली
12. पिनाकधारिणी : शिव का त्रिशूल धारण करने वाली
13. चित्रा : सुरम्य, सुंदर
14. चण्डघण्टा : प्रचण्ड स्वर से घण्टा नाद करने वाली, घंटे की आवाज निकालने वाली
15. सुधा : अमृत की देवी
16. मन : मनन-शक्ति
17. बुद्धि : सर्वज्ञाता
18. अहंकारा : अभिमान करने वाली
19. चित्तरूपा : वह जो सोच की अवस्था में है
20. चिता : मृत्युशय्या
21. चिति : चेतना
22. सर्वमन्त्रमयी : सभी मंत्रों का ज्ञान रखने वाली
23. सत्ता : सत-स्वरूपा, जो सब से ऊपर है
24. सत्यानन्दस्वरूपिणी : अनन्त आनंद का रूप
25. अनन्ता : जिनके स्वरूप का कहीं अंत नहीं
26. भाविनी : सबको उत्पन्न करने वाली, खूबसूरत औरत
27. भाव्या: भावना एवं ध्यान करने योग्य
28. भव्या: कल्याणरूपा, भव्यता के साथ
29. अभव्या : जिससे बढ़कर भव्य कुछ नहीं
30. सदागति : हमेशा गति में, मोक्ष दान
31. शाम्भवी : शिवप्रिया, शंभू की पत्नी
32. देवमाता : देवगण की माता
33. चिन्ता : चिन्ता
34. रत्नप्रिया : गहने से प्यार करने वाली
35. सर्वविद्या : ज्ञान का निवास
36. दक्षकन्या : दक्ष की बेटी
37. दक्षयज्ञविनाशिनी : दक्ष के यज्ञ को रोकने वाली
38. अपर्णा : तपस्या के समय पत्ते को भी न खाने वाली
39. अनेकवर्णा : अनेक रंगों वाली
40. पाटला : लाल रंग वाली
41. पाटलावती : गुलाब के फूल
42. पट्टाम्बरपरीधाना : रेशमी वस्त्र पहनने वाली
43. कलामंजीरारंजिनी : पायल को धारण करके प्रसन्न रहने वाली
44. अमेय : जिसकी कोई सीमा नहीं
45. विक्रमा : असीम पराक्रमी
46. क्रूरा : दैत्यों के प्रति कठोर
47. सुन्दरी : सुंदर रूप वाली
48. सुरसुन्दरी : अत्यंत सुंदर
49. वनदुर्गा : जंगलों की देवी
50. मातंगी : मतंगा की देवी
51. मातंगमुनिपूजिता : बाबा मतंगा द्वारा पूजनीय
52. ब्राह्मी : भगवान ब्रह्मा की शक्ति
53. माहेश्वरी : प्रभु शिव की शक्ति
54. इंद्री : इंद्र की शक्ति
55. कौमारी : किशोरी
56. वैष्णवी : अजेय
57. चामुण्डा : चंड और मुंड का नाश करने वाली
58. वाराही : वराह पर सवार होने वाली
59. लक्ष्मी : सौभाग्य की देवी
60. पुरुषाकृति : वह जो पुरुष धारण कर ले
61. विमिलौत्त्कार्शिनी : आनन्द प्रदान करने वाली
62. ज्ञाना : ज्ञान से भरी हुई 63. क्रिया : हर कार्य में होने वाली
64. नित्या : अनन्त
65. बुद्धिदा : ज्ञान देने वाली
66. बहुला : विभिन्न रूपों वाली
67. बहुलप्रेमा : सर्व प्रिय
68. सर्ववाहनवाहना : सभी वाहन पर विराजमान होने वाली 69. निशुम्भशुम्भहननी : शुम्भ, निशुम्भ का वध करने वाली 70. महिषासुरमर्दिनि : महिषासुर का वध करने वाली
71. मसुकैटभहंत्री : मधु व कैटभ का नाश करने वाली
72. चण्डमुण्ड विनाशिनि : चंड और मुंड का नाश करने वाली
73. सर्वासुरविनाशा : सभी राक्षसों का नाश करने वाली
74. सर्वदानवघातिनी : संहार के लिए शक्ति रखने वाली
75. सर्वशास्त्रमयी : सभी सिद्धांतों में निपुण
76. सत्या : सच्चाई
77. सर्वास्त्रधारिणी : सभी हथियारों धारण करने वाली
78. अनेकशस्त्रहस्ता : कई हथियार धारण करने वाली
79. अनेकास्त्रधारिणी : अनेक हथियारों को धारण करने वाली
80. कुमारी : सुंदर किशोरी
81. एककन्या : कन्या
82. कैशोरी : जवान लड़की
83. युवती : नारी
84. यति : तपस्वी
85. अप्रौढा : जो कभी पुराना ना हो
86. प्रौढा : जो पुराना है
87. वृद्धमाता : शिथिल
88. बलप्रदा : शक्ति देने वाली
89. महोदरी : ब्रह्मांड को संभालने वाली
90. मुक्तकेशी : खुले बाल वाली
91. घोररूपा : एक भयंकर दृष्टिकोण वाली
92. महाबला : अपार शक्ति वाली
93. अग्निज्वाला : मार्मिक आग की तरह
94. रौद्रमुखी : विध्वंसक रुद्र की तरह भयंकर चेहरा
95. कालरात्रि : काले रंग वाली
96. तपस्विनी : तपस्या में लगे हुए
97. नारायणी : भगवान नारायण की विनाशकारी रूप
98. भद्रकाली : काली का भयंकर रूप
99. विष्णुमाया : भगवान विष्णु का जादू
100. जलोदरी : ब्रह्मांड में निवास करने वाली
101. शिवदूती : भगवान शिव की राजदूत
102. करली : हिंसक
103. अनन्ता : विनाश रहित
104. परमेश्वरी : प्रथम देवी
105. कात्यायनी : ऋषि कात्यायन द्वारा पूजनीय
106. सावित्री : सूर्य की बेटी
107. प्रत्यक्षा : वास्तविक
108. ब्रह्मवादिनी : वर्तमान में हर जगह वास करने 
 maa ke bhakt deshpriya

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साधारत: 51 शक्ति पीठ माने जाते हैं। तंत्रचूड़ामणि में लगभग 52 शक्ति पीठों के बारे में बताया गया है। प्रस्तुत है तंत्रचूड़ामणि की तालिका।



1.हिंगलाज
हिंगुला या हिंगलाज शक्तिपीठ जो कराची से 125 किमी उत्तर पूर्व में स्थित है, जहाँ माता का ब्रह्मरंध (सिर) गिरा था। इसकी शक्ति- कोटरी (भैरवी-कोट्टवीशा) है और भैरव को भीमलोचन कहते हैं।

2.शर्कररे (करवीर)
पाकिस्तान में कराची के सुक्कर स्टेशन के निकट स्थित है शर्कररे शक्तिपीठ, जहाँ माता की आँख गिरी थी। इसकी शक्ति- महिषासुरमर्दिनी और भैरव को क्रोधिश कहते हैं।

3.सुगंधा- सुनंदा
बांग्लादेश के शिकारपुर में बरिसल से 20 किमी दूर सोंध नदी के किनारे स्थित है माँ सुगंध, जहाँ माता की नासिका गिरी थी। इसकी शक्ति है सुनंदा और भैरव को त्र्यंबक कहते हैं।

4.कश्मीर- महामाया
भारत के कश्मीर में पहलगाँव के निकट माता का कंठ गिरा था। इसकी शक्ति है महामाया और भैरव को त्रिसंध्येश्वर कहते हैं।

5.ज्वालामुखी- सिद्धिदा (अंबिका)
भारत के हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में माता की जीभ गिरी थी, उसे ज्वालाजी स्थान कहते हैं। इसकी शक्ति है सिद्धिदा (अंबिका) और भैरव को उन्मत्त कहते हैं।

6.जालंधर- त्रिपुरमालिनी
पंजाब के जालंधर में छावनी स्टेशन के निकट देवी तलाब जहाँ माता का बायाँ वक्ष (स्तन) गिरा था। इसकी शक्ति है त्रिपुरमालिनी और भैरव को भीषण कहते हैं।

7.वैद्यनाथ- जयदुर्गा
झारखंड के देवघर में स्थित वैद्यनाथधाम जहाँ माता का हृदय गिरा था। इसकी शक्ति है जय दुर्गा और भैरव को वैद्यनाथ कहते हैं।

8.नेपाल- महामाया
नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के निकट स्‍थित है गुजरेश्वरी मंदिर जहाँ माता के दोनों घुटने (जानु) गिरे थे। इसकी शक्ति है महशिरा (महामाया) और भैरव को कपाली कहते हैं।

9.मानस- दाक्षायणी
तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर के मानसा के निकट एक पाषाण शिला पर माता का दायाँ हाथ गिरा था। इसकी शक्ति है दाक्षायनी और भैरव अमर हैं।

10.विरजा- विरजाक्षेत्र
भारतीय प्रदेश उड़ीसा के विराज में उत्कल स्थित जगह पर माता की नाभि गिरी थी। इसकी शक्ति है विमला और भैरव को जगन्नाथ कहते हैं।

11.गंडकी- गंडकी
नेपाल में गंडकी नदी के तट पर पोखरा नामक स्थान पर स्थित मुक्तिनाथ मंदिर, जहाँ माता का मस्तक या गंडस्थल अर्थात कनपटी गिरी थी। इसकी शक्ति है गण्डकी चण्डी और भैरव चक्रपाणि हैं।

12.बहुला- बहुला (चंडिका)
भारतीय प्रदेश पश्चिम बंगाल से वर्धमान जिला से 8 किमी दूर कटुआ केतुग्राम के निकट अजेय नदी तट पर स्थित बाहुल स्थान पर माता का बायाँ हाथ गिरा था। इसकी शक्ति है देवी बाहुला और भैरव को भीरुक कहते हैं।

13.उज्जयिनी- मांगल्य चंडिका
भारतीय प्रदेश पश्चिम बंगाल में वर्धमान जिले से 16 किमी गुस्कुर स्टेशन से उज्जय‍िनी नामक स्थान पर माता की दायीं कलाई गिरी थी। इसकी शक्ति है मंगल चंद्रिका और भैरव को कपिलांबर कहते हैं।

14.त्रिपुरा- त्रिपुर सुंदरी
भारतीय राज्य त्रिपुरा के उदरपुर के निकट राधाकिशोरपुर गाँव के माताबाढ़ी पर्वत शिखर पर माता का दायाँ पैर गिरा था। इसकी शक्ति है त्रिपुर सुंदरी और भैरव को त्रिपुरेश कहते हैं।

15.चट्टल - भवानी
बांग्लादेश में चिट्टागौंग (चटगाँव) जिला के सीताकुंड स्टेशन के निकट ‍चंद्रनाथ पर्वत शिखर पर छत्राल (चट्टल या चहल) में माता की दायीं भुजा गिरी थी। इसकी शक्ति भवानी है और भैरव को चंद्रशेखर कहते हैं।

16.त्रिस्रोता- भ्रामरी
भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल के जलपाइगुड़ी के बोडा मंडल के सालबाढ़ी ग्राम स्‍थित त्रिस्रोत स्थान पर माता का बायाँ पैर गिरा था। इसकी शक्ति है भ्रामरी और भैरव को अंबर और भैरवेश्वर कहते हैं।

17.कामगिरि- कामाख्‍या
भारतीय राज्य असम के गुवाहाटी जिले के कामगिरि क्षेत्र में स्‍थित नीलांचल पर्वत के कामाख्या स्थान पर माता का योनि भाग गिरा था। इसकी शक्ति है कामाख्या और भैरव को उमानंद कहते हैं।

18.प्रयाग- ललिता
भारतीय राज्य उत्तरप्रदेश के इलाहबाद शहर (प्रयाग) के संगम तट पर माता की हाथ की अँगुली गिरी थी। इसकी शक्ति है ललिता और भैरव को भव कहते हैं।

19.जयंती- जयंती
बांग्लादेश के सिल्हैट जिले के जयंतीया परगना के भोरभोग गाँव कालाजोर के खासी पर्वत पर जयंती मंदिर जहाँ माता की बायीं जंघा गिरी थी। इसकी शक्ति है जयंती और भैरव को क्रमदीश्वर कहते हैं।

20.युगाद्या- भूतधात्री
पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के खीरग्राम स्थित जुगाड्‍या (युगाद्या) स्थान पर माता के दाएँ पैर का अँगूठा गिरा था। इसकी शक्ति है भूतधात्री और भैरव को क्षीर खंडक कहते हैं।

21.कालीपीठ- कालिका
कोलकाता के कालीघाट में माता के बाएँ पैर का अँगूठा गिरा था। इसकी शक्ति है कालिका और भैरव को नकुशील कहते हैं।

22.किरीट- विमला (भुवनेशी)
पश्चिम बंगाल के मुर्शीदाबाद जिला के लालबाग कोर्ट रोड स्टेशन के किरीटकोण ग्राम के पास माता का मुकुट गिरा था। इसकी शक्ति है विमला और भैरव को संवर्त्त कहते हैं।

23.वाराणसी- विशालाक्षी
उत्तरप्रदेश के काशी में मणि‍कर्णिक घाट पर माता के कान के मणिजड़ीत कुंडल गिरे थे। इसकी शक्ति है विशालाक्षी‍ मणिकर्णी और भैरव को काल भैरव कहते हैं। 24.कन्याश्रम- सर्वाणी
कन्याश्रम में माता का पृष्ठ भाग गिरा था। इसकी शक्ति है सर्वाणी और भैरव को निमिष कहते हैं।

25.कुरुक्षेत्र- सावित्री
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में माता की एड़ी (गुल्फ) गिरी थी। इसकी शक्ति है सावित्री और भैरव है स्थाणु।

26.मणिदेविक- गायत्री
अजमेर के निकट पुष्कर के मणिबन्ध स्थान के गायत्री पर्वत पर दो मणिबंध गिरे थे। इसकी शक्ति है गायत्री और भैरव को सर्वानंद कहते हैं।

27.श्रीशैल- महालक्ष्मी
बांग्लादेश के सिल्हैट जिले के उत्तर-पूर्व में जैनपुर गाँव के पास शैल नामक स्थान पर माता का गला (ग्रीवा) गिरा था। इसकी शक्ति है महालक्ष्मी और भैरव को शम्बरानंद कहते हैं।

28.कांची- देवगर्भा
पश्चिम बंगाल के बीरभुम जिला के बोलारपुर स्टेशन के उत्तर पूर्व स्थित कोपई नदी तट पर कांची नामक स्थान पर माता की अस्थि गिरी थी। इसकी शक्ति है देवगर्भा और भैरव को रुरु कहते हैं।

29.कालमाधव- देवी काली
मध्यप्रदेश के अमरकंटक के कालमाधव स्थित शोन नदी तट के पास माता का बायाँ नितंब गिरा था जहाँ एक गुफा है। इसकी शक्ति है काली और भैरव को असितांग कहते हैं।

30.शोणदेश- नर्मदा (शोणाक्षी)
मध्यप्रदेश के अमरकंटक स्थित नर्मदा के उद्गम पर शोणदेश स्थान पर माता का दायाँ नितंब गिरा था। इसकी शक्ति है नर्मदा और भैरव को भद्रसेन कहते हैं।

31.रामगिरि- शिवानी
उत्तरप्रदेश के झाँसी-मणिकपुर रेलवे स्टेशन चित्रकूट के पास रामगिरि स्थान पर माता का दायाँ वक्ष गिरा था। इसकी शक्ति है शिवानी और भैरव को चंड कहते हैं।

32.वृंदावन- उमा
उत्तरप्रदेश के मथुरा के निकट वृंदावन के भूतेश्वर स्थान पर माता के गुच्छ और चूड़ामणि गिरे थे। इसकी शक्ति है उमा और भैरव को भूतेश कहते हैं।

33.शुचि- नारायणी
तमिलनाडु के कन्याकुमारी-तिरुवनंतपुरम मार्ग पर शुचितीर्थम शिव मंदिर है, जहाँ पर माता की ऊपरी दंत (ऊर्ध्वदंत) गिरे थे। इसकी शक्ति है नारायणी और भैरव को संहार कहते हैं।

34.पंचसागर- वाराही
पंचसागर (अज्ञात स्थान) में माता की निचले दंत (अधोदंत) गिरे थे। इसकी शक्ति है वराही और भैरव को महारुद्र कहते हैं।

35.करतोयातट- अपर्णा
बांग्लादेश के शेरपुर बागुरा स्टेशन से 28 किमी दूर भवानीपुर गाँव के पार करतोया तट स्थान पर माता की पायल (तल्प) गिरी थी। इसकी शक्ति है अर्पण और भैरव को वामन कहते हैं।

36.श्रीपर्वत- श्रीसुंदरी
कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र के पर्वत पर माता के दाएँ पैर की पायल गिरी थी। दूसरी मान्यता अनुसार आंध्रप्रदेश के कुर्नूल जिले के श्रीशैलम स्थान पर दक्षिण गुल्फ अर्थात दाएँ पैर की एड़ी गिरी थी। इसकी शक्ति है श्रीसुंदरी और भैरव को सुंदरानंद कहते हैं।

37.विभाष- कपालिनी
पश्चिम बंगाल के जिला पूर्वी मेदिनीपुर के पास तामलुक स्थित विभाष स्थान पर माता की बायीं एड़ी गिरी थी। इसकी शक्ति है कपालिनी (भीमरूप) और भैरव को शर्वानंद कहते हैं।

38.प्रभास- चंद्रभागा
गुजरात के जूनागढ़ जिले में स्थित सोमनाथ मंदिर के निकट वेरावल स्टेशन से 4 किमी प्रभास क्षेत्र में माता का उदर गिरा था। इसकी शक्ति है चंद्रभागा और भैरव को वक्रतुंड कहते हैं।

39.भैरवपर्वत- अवंती
मध्यप्रदेश के ‍उज्जैन नगर में शिप्रा नदी के तट के पास भैरव पर्वत पर माता के ओष्ठ गिरे थे। इसकी शक्ति है अवंति और भैरव को लम्बकर्ण कहते हैं।

40.जनस्थान- भ्रामरी
महाराष्ट्र के नासिक नगर स्थित गोदावरी नदी घाटी स्थित जनस्थान पर माता की ठोड़ी गिरी थी। इसकी शक्ति है भ्रामरी और भैरव है विकृताक्ष।

41.सर्वशैल स्थान
आंध्रप्रदेश के राजामुंद्री क्षेत्र स्थित गोदावरी नदी के तट पर कोटिलिंगेश्वर मंदिर के पास सर्वशैल स्थान पर माता के वाम गंड (गाल) गिरे थे। इसकी शक्ति है रा‍किनी और भैरव को वत्सनाभम कहते हैं'

42.गोदावरीतीर :
यहाँ माता के दक्षिण गंड गिरे थे। इसकी शक्ति है विश्वेश्वरी और भैरव को दंडपाणि कहते हैं।

43.रत्नावली- कुमारी
बंगाल के हुगली जिले के खानाकुल-कृष्णानगर मार्ग पर रत्नावली स्थित रत्नाकर नदी के तट पर माता का दायाँ स्कंध गिरा था। इसकी शक्ति है कुमारी और भैरव को शिव कहते हैं।

44.मिथिला- उमा (महादेवी)
भारत-नेपाल सीमा पर जनकपुर रेलवे स्टेशन के निकट मिथिला में माता का बायाँ स्कंध गिरा था। इसकी शक्ति है उमा और भैरव को महोदर कहते हैं।

45.नलहाटी- कालिका तारापीठ
पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के नलहाटि स्टेशन के निकट नलहाटी में माता के पैर की हड्डी गिरी थी। इसकी शक्ति है कालिका देवी और भैरव को योगेश कहते हैं।

46.कर्णाट- जयदुर्गा
कर्नाट (अज्ञात स्थान) में माता के दोनों कान गिरे थे। इसकी शक्ति है जयदुर्गा और भैरव को अभिरु कहते हैं।

47.वक्रेश्वर- महिषमर्दिनी
पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के दुबराजपुर स्टेशन से सात किमी दूर वक्रेश्वर में पापहर नदी के तट पर माता का भ्रूमध्य (मन:) गिरा था। इसकी शक्ति है महिषमर्दिनी और भैरव को वक्रनाथ कहते हैं।

48.यशोर- यशोरेश्वरी
बांग्लादेश के खुलना जिला के ईश्वरीपुर के यशोर स्थान पर माता के हाथ और पैर गिरे (पाणिपद्म) थे। इसकी शक्ति है यशोरेश्वरी और भैरव को चण्ड कहते हैं।

49.अट्टाहास- फुल्लरा
पश्चिम बंगला के लाभपुर स्टेशन से दो किमी दूर अट्टहास स्थान पर माता के ओष्ठ गिरे थे। इसकी शक्ति है फुल्लरा और भैरव को विश्वेश कहते हैं।

50.नंदीपूर- नंदिनी
पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले के सैंथिया रेलवे स्टेशन नंदीपुर स्थित चारदीवारी में बरगद के वृक्ष के समीप माता का गले का हार गिरा था। इसकी शक्ति है नंदिनी और भैरव को नंदिकेश्वर कहते हैं।

51.लंका- इंद्राक्षी
श्रीलंका में संभवत: त्रिंकोमाली में माता की पायल गिरी थी (त्रिंकोमाली में प्रसिद्ध त्रिकोणेश्वर मंदिर के निकट)। इसकी शक्ति है इंद्राक्षी और भैरव को राक्षसेश्वर कहते हैं।

52.विराट- अंबिका
विराट (अज्ञात स्थान) में पैर की अँगुली गिरी थी। इसकी शक्ति है अंबिका और भैरव को अमृत कहते हैं।

नोट : इसके अलावा पटना-गया के इलाके में कहीं मगध शक्तिपीठ माना जाता है....

53. मगध- सर्वानन्दकरी
मगध में दाएँ पैर की जंघा गिरी थी। इसकी शक्ति है सर्वानंदकरी और भैरव को व्योमकेश कहते हैं। (by EasyClip)