क्या आप जानते हैं हमें कितना प्रोटीन खाना चाहिए?
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है लेकिन क्या सच में हम इसकी भरपूर मात्रा लेते हैं...
कहीं आपको प्रोटीन की कमी तो नहीं!
प्रोटीन की कमी से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं
प्रोटीन हमारे शरीर की एनर्जी के लिए बहुत जरूरी होता है और यह बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्रवर्ग के लिए अलग-अलग मात्रा में लिया जाना चाहिए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे खाने में प्रोटीन की कितनी मात्रा होती है?
हाल में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि 80 प्रतिशत भारतीय लोगों के खाने में प्रोटीन की कमी होती है. 91 प्रतिशत मांसाहारी और 85 प्रतिशत शाकाहारी लोगों में प्रोटीन की कमी पाई गई है. भारतीयों के खाने में सिर्फ 37 प्रमिशत ही प्रोटीन होता है जबकि पूरी दुनिया में यह आंकड़ा 65 प्रतिशत है.
क्या होता है जब प्रोटीन की कमी हो जाती है?
- प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में एनर्जी कम होने लगती है.
- बाल झड़ने लगते हैं.
- नाखून कमजोर हो जाते हैं.
- वजन कम होने लगता है.
- कमजोरी महसूस होना.
- चोट या जख्म जल्दी ठीक नहीं होते.
- स्लिपिंग डिसवॉर्डर.
- सिरदर्द जैसी समस्याएं होना इस कमी के लक्षण हैं.
शरीर को रोजाना कितने प्रतिशत प्रोटीन की जरूरत होती है...
प्रोटीन की आवश्यकता आपके भार और आपके कैलोरी इनटेक पर निर्भर करती है. आपकी कुल कैलोरी का 20 से 35 प्रतिशत प्रोटीन से आना चाहिए. अगर आप प्रतिदिन 2,000 कैलोरी का सेवन करते हैं तो उसमें से 600 कैलोरी प्रोटीन से आना चाहिए.
इन चीजों में पाया जाता है प्रोटीन...
1. दूध, पनीर और दही सिर्फ प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत ही नहीं हैं, बल्कि कैल्शियम और विटामिन डी के भी अच्छे स्त्रोत हैं. अपनी रोजाना की डाइट में एक गिलास कम वसा वाला दूध लें. दूध में दो तरह का प्रोटीन होता है. कुल प्रोटीन का 80 प्रतिशत कैसीन और बचा हुआ 20 प्रतिशत व्हे होता है.
2. प्रोटीन में से सबसे अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन अंडे में होता है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि एक स्वस्थ इंसान एक दिन में एक अंडा बिना किसी स्वास्थ्य समस्या के खा सकता है.
3. प्रोटीन का सबसे अच्छा स्त्रोत बीन्स बीन्स प्रोटीन के साथ ही फाइबर के भी बेहतरीन स्त्रोतों में से एक हैं.
4. अखरोट प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है. इसमें विटामिन बी कॉम्प्लेक्स विशेषकर बी6 और कईं मिनरल जैसे आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर और जिंक भी काफी मात्रा में होते हैं.
5. सी-फूड और दालों में भी प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसलिए इन्हें ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करने की कोशिश करें
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सोमवार, 13 मई 2019
Re: क्या आप जानते हैं हमें कितना प्रोटीन खाना चाहिए
क्या आप जानते हैं हमें कितना प्रोटीन खाना चाहिए
क्या आप जानते हैं हमें कितना प्रोटीन खाना चाहिए?
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है लेकिन क्या सच में हम इसकी भरपूर मात्रा लेते हैं...
कहीं आपको प्रोटीन की कमी तो नहीं!
प्रोटीन की कमी से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं
प्रोटीन हमारे शरीर की एनर्जी के लिए बहुत जरूरी होता है और यह बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्रवर्ग के लिए अलग-अलग मात्रा में लिया जाना चाहिए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे खाने में प्रोटीन की कितनी मात्रा होती है?
हाल में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि 80 प्रतिशत भारतीय लोगों के खाने में प्रोटीन की कमी होती है. 91 प्रतिशत मांसाहारी और 85 प्रतिशत शाकाहारी लोगों में प्रोटीन की कमी पाई गई है. भारतीयों के खाने में सिर्फ 37 प्रमिशत ही प्रोटीन होता है जबकि पूरी दुनिया में यह आंकड़ा 65 प्रतिशत है.
क्या होता है जब प्रोटीन की कमी हो जाती है?
- प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में एनर्जी कम होने लगती है.
- बाल झड़ने लगते हैं.
- नाखून कमजोर हो जाते हैं.
- वजन कम होने लगता है.
- कमजोरी महसूस होना.
- चोट या जख्म जल्दी ठीक नहीं होते.
- स्लिपिंग डिसवॉर्डर.
- सिरदर्द जैसी समस्याएं होना इस कमी के लक्षण हैं.
शरीर को रोजाना कितने प्रतिशत प्रोटीन की जरूरत होती है...
प्रोटीन की आवश्यकता आपके भार और आपके कैलोरी इनटेक पर निर्भर करती है. आपकी कुल कैलोरी का 20 से 35 प्रतिशत प्रोटीन से आना चाहिए. अगर आप प्रतिदिन 2,000 कैलोरी का सेवन करते हैं तो उसमें से 600 कैलोरी प्रोटीन से आना चाहिए.
इन चीजों में पाया जाता है प्रोटीन...
1. दूध, पनीर और दही सिर्फ प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत ही नहीं हैं, बल्कि कैल्शियम और विटामिन डी के भी अच्छे स्त्रोत हैं. अपनी रोजाना की डाइट में एक गिलास कम वसा वाला दूध लें. दूध में दो तरह का प्रोटीन होता है. कुल प्रोटीन का 80 प्रतिशत कैसीन और बचा हुआ 20 प्रतिशत व्हे होता है.
2. प्रोटीन में से सबसे अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन अंडे में होता है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि एक स्वस्थ इंसान एक दिन में एक अंडा बिना किसी स्वास्थ्य समस्या के खा सकता है.
3. प्रोटीन का सबसे अच्छा स्त्रोत बीन्स बीन्स प्रोटीन के साथ ही फाइबर के भी बेहतरीन स्त्रोतों में से एक हैं.
4. अखरोट प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है. इसमें विटामिन बी कॉम्प्लेक्स विशेषकर बी6 और कईं मिनरल जैसे आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर और जिंक भी काफी मात्रा में होते हैं.
5. सी-फूड और दालों में भी प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसलिए इन्हें ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करने की कोशिश करें
प्रोटीन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी पोषक तत्व है लेकिन क्या सच में हम इसकी भरपूर मात्रा लेते हैं...
कहीं आपको प्रोटीन की कमी तो नहीं!
प्रोटीन की कमी से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं
प्रोटीन हमारे शरीर की एनर्जी के लिए बहुत जरूरी होता है और यह बच्चों से लेकर बड़ों तक हर उम्रवर्ग के लिए अलग-अलग मात्रा में लिया जाना चाहिए. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे खाने में प्रोटीन की कितनी मात्रा होती है?
हाल में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि 80 प्रतिशत भारतीय लोगों के खाने में प्रोटीन की कमी होती है. 91 प्रतिशत मांसाहारी और 85 प्रतिशत शाकाहारी लोगों में प्रोटीन की कमी पाई गई है. भारतीयों के खाने में सिर्फ 37 प्रमिशत ही प्रोटीन होता है जबकि पूरी दुनिया में यह आंकड़ा 65 प्रतिशत है.
क्या होता है जब प्रोटीन की कमी हो जाती है?
- प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में एनर्जी कम होने लगती है.
- बाल झड़ने लगते हैं.
- नाखून कमजोर हो जाते हैं.
- वजन कम होने लगता है.
- कमजोरी महसूस होना.
- चोट या जख्म जल्दी ठीक नहीं होते.
- स्लिपिंग डिसवॉर्डर.
- सिरदर्द जैसी समस्याएं होना इस कमी के लक्षण हैं.
शरीर को रोजाना कितने प्रतिशत प्रोटीन की जरूरत होती है...
प्रोटीन की आवश्यकता आपके भार और आपके कैलोरी इनटेक पर निर्भर करती है. आपकी कुल कैलोरी का 20 से 35 प्रतिशत प्रोटीन से आना चाहिए. अगर आप प्रतिदिन 2,000 कैलोरी का सेवन करते हैं तो उसमें से 600 कैलोरी प्रोटीन से आना चाहिए.
इन चीजों में पाया जाता है प्रोटीन...
1. दूध, पनीर और दही सिर्फ प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत ही नहीं हैं, बल्कि कैल्शियम और विटामिन डी के भी अच्छे स्त्रोत हैं. अपनी रोजाना की डाइट में एक गिलास कम वसा वाला दूध लें. दूध में दो तरह का प्रोटीन होता है. कुल प्रोटीन का 80 प्रतिशत कैसीन और बचा हुआ 20 प्रतिशत व्हे होता है.
2. प्रोटीन में से सबसे अच्छी क्वालिटी का प्रोटीन अंडे में होता है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन का कहना है कि एक स्वस्थ इंसान एक दिन में एक अंडा बिना किसी स्वास्थ्य समस्या के खा सकता है.
3. प्रोटीन का सबसे अच्छा स्त्रोत बीन्स बीन्स प्रोटीन के साथ ही फाइबर के भी बेहतरीन स्त्रोतों में से एक हैं.
4. अखरोट प्रोटीन का एक अच्छा स्त्रोत है. इसमें विटामिन बी कॉम्प्लेक्स विशेषकर बी6 और कईं मिनरल जैसे आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर और जिंक भी काफी मात्रा में होते हैं.
5. सी-फूड और दालों में भी प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसलिए इन्हें ज्यादा से ज्यादा अपनी डाइट में शामिल करने की कोशिश करें
Re: हमारे बिज़नस का सबसे बड़ा सीक्रेट है
हमारे बिज़नस का सबसे बड़ा सीक्रेट है, taproot बनाना।
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12.......16 17 18 19 20..
इस तरह जब आप किसी लेग को नीचे ले जाते है, उसे taproot कहते है।
और फिर ये सभी लीडर अपने अलग अलग लेग बनाते है, जंक्शन तैयार करते है, और अपने अलग अलग लेग में taproot बनाते है, तो वो हमाऱा डेप्थ कहलाता है। नीचे दिया हुआ चित्र से आप और अच्छे से समझ सकते है।
नीचे एक मोटा जड़ गया है, उसे हम taproot कहते है।
और साइड से सखाये जो निकली है, उसे डेप्थ कहते है।
जब आप किसी व्यक्ति को जॉइन करते है, तो उसके नीचे तुरन्त एक व्यक्ति को स्पांसर करे, फिर उसके नीचे स्पांसर करने में मदद करते है, फिर उसके नीचे...इस प्रकार की स्पोंसरिंग को हम taprooting कहते है।
Taprooting से लोगो की सोच बन्ध जाती है। वो बिज़नेस छोड़ने की बात सोच नही सकते। उन्हें अपना नुकसान दिखता है......दूसरा फायदा taprooting का ये है, की आपको अच्छे लीडर नीचे मिलते है। जितना नीचे आप जाते जायेगे, उतने अच्छे लीडर आपको मिलेंगे।
याद रखें सबसे अच्छे लीडर, आपके द्वारा स्पांसर करने से नही मिलेंगे, टैप रूटिंग द्वारा नीचे मिलेंगे।
हमारा लक्ष्य होना चाहिए, की हर लेग में टैप रुट 2 डीप जाना चाहिए। तभी आपको अपने बिज़नेस में मोमेंटम नज़र आने लगेगा। बड़ा बिज़नेस करना है तो नीचे काम करने की आदत बनाये। टैप रुट को नीचे लेते जाए, और 21% बिज़नेस के लिए आपका taproot 20 डीप होना ज़रूरी है। जब आप नीचे taproot को ले जा रहे है, तो ध्यान रखे.....
1. आप उनकी मदद करें।
2. आप उनको ट्रेनिंग दें...
ब्रिट सक्सेस पैरामीटर, 100% पिन, ईगल पिन, कोर प्रिंसिपल, बेसिक्स, 3 पावर्स, 6 कार्डिनल रूल्स...
अगर आपका अप लाइन taproot नही बिल्ड कर रहा है, तो वो अपने भविष्य को लेकर सीरियस नही है।
अपनी सफलता दुसरो के हाथ मे न सौपे। अपने बिज़नेस की जिम्मेवारी ले, और हर लेग के टैप रुट को 20 डीप ले कर जाए। बहुत बड़ा बिज़नेस होने वाला है।
एम्वे में ऐसे सफल लीडर है जिनका 1000 डीप टैप रुट है। सैकड़ो लोग लाखो रुपय बना रहे है।
सफल व्यक्ति और औसत व्यक्ति के बीच किस चीज़ का अंतर होता है....केवल फोकस का।
औसत व्यक्ति किसी चीज़ पर फोकस कुछ समय के लिए बना पाते है, और सफल व्यक्ति अपना फोकस तब तक बनाये रखते है, जब तक कि उनका गोल पूरा न हो जाये।
......जब आप taproot बनाते है, तो आपका बिज़नेस predictable हो जाता है। पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
Taproot 5 डीप होने पर 9%
Taproot 10 डीप होने पर 12%
Taproot 15 डीप होने पर 15%
Taproot 20 डीप होने पर 21%
कमाल है, एम्वे बिज़नेस की योजना।
.......जब आप taproot बनाते है,तो डेप्थ अपने आप ( by डिफ़ॉल्ट ) बनने लगता है।
.......जब आप taproot बनाते है, तो आप लोगो को बिज़नेस से जुड़े रहने का कारण देते है।
......taproot बनाना मतलब multa multa millionaire बनने की योजना पर काम करना।
मुझे उम्मीद है, हर लेग की taprooting करना हर महीने का लक्ष्य बनाए और इस काम मे upline का सहयोग ले। आप एम्वे वर्ल्ड के multa multa मिलियनेयर बनने जा रहे हो।
HOW TO SUCCESS IN AMWAY OR IN NETWORK MARKETING
HOW TO SUCCESS IN AMWAY OR IN NETWORK MARKETING
हम रहे या न रहें, प्रिंसिपल या वैल्यूज हमेशा इस दुनिया मे रहेगा।
9 कोर स्टेप्स, 4 बेसिक्स, 3 पावर्स, 6 कार्डिनल रूल्स, हमारे बिज़नेस का जबरदस्त सिद्धान्त है।
अगर आपने इसे बिना देखे लिख लिया, इंग्लिश में हो या हिंदी में, बोर्ड में या डायरी में समझाने वाला विश्वास प्राप्त कर लिया, दुनिया की कोई ताकत नही जो आपको एमवे बिज़नेस में मल्टा मल्टा मिलियनेयर बनने से रोक सके।
रॉक सॉलिड बिज़नेस होगा ...
नम्बर 1 लाइफ स्टाइल होगा आपका और आपके टीम के हर वो व्यक्ति का जो बिना देखे इसे लिख ले।
9 CORE STEPS ..
1. 100% user/ 100% यूजर बने
2. 10 -15 customers/ 10-15 कस्टमर रखे
3. 15 -20 STP / 15-20 प्लान हर माह
4. Listening 1 CD daily./ 1 सीडी रोज सुने।
5. Reading Books 15 min/ 15 मिनट किताबे पढ़े।
6. Attend all functions./ हर सेमिनार को जाए।
7. Be Accountable./ जवाबदेह बन कर काम करे
8. Be Teachable./ सीखने को हमेशा तैयार रहे
9. Counselling and communication./ काउंसलिंग अप लाइन से हमेशा करते रहे, और अपने टीम में जानकारी फ्लो करते रहे।
4 steps Basics ..
1. List of ..Dreams,
...objections,
and people.
2. Contacting & inviting .
3. STP and STP..Show the plan and share the product.
4. Follow up and follow through.
3 Powers..
1. Power of spoken words.
2. Power of unity.
3. Power of submission.
6 cardinal Rules..
1.Never talk negative.
2. Never mess with anybodys ego.
3. Never mess with anybodys spouse.
4. Never mess with anybodys money.
5. Never do anything first time without checking your upline.
6. Never embarrass your upline.
.....These values will help each one of us in building our family life, business life and our spiritual life.
....But only if we learn to honour these britt principles .
हम रहे या न रहें, प्रिंसिपल या वैल्यूज हमेशा इस दुनिया मे रहेगा।
9 कोर स्टेप्स, 4 बेसिक्स, 3 पावर्स, 6 कार्डिनल रूल्स, हमारे बिज़नेस का जबरदस्त सिद्धान्त है।
अगर आपने इसे बिना देखे लिख लिया, इंग्लिश में हो या हिंदी में, बोर्ड में या डायरी में समझाने वाला विश्वास प्राप्त कर लिया, दुनिया की कोई ताकत नही जो आपको एमवे बिज़नेस में मल्टा मल्टा मिलियनेयर बनने से रोक सके।
रॉक सॉलिड बिज़नेस होगा ...
नम्बर 1 लाइफ स्टाइल होगा आपका और आपके टीम के हर वो व्यक्ति का जो बिना देखे इसे लिख ले।
9 CORE STEPS ..
1. 100% user/ 100% यूजर बने
2. 10 -15 customers/ 10-15 कस्टमर रखे
3. 15 -20 STP / 15-20 प्लान हर माह
4. Listening 1 CD daily./ 1 सीडी रोज सुने।
5. Reading Books 15 min/ 15 मिनट किताबे पढ़े।
6. Attend all functions./ हर सेमिनार को जाए।
7. Be Accountable./ जवाबदेह बन कर काम करे
8. Be Teachable./ सीखने को हमेशा तैयार रहे
9. Counselling and communication./ काउंसलिंग अप लाइन से हमेशा करते रहे, और अपने टीम में जानकारी फ्लो करते रहे।
4 steps Basics ..
1. List of ..Dreams,
...objections,
and people.
2. Contacting & inviting .
3. STP and STP..Show the plan and share the product.
4. Follow up and follow through.
3 Powers..
1. Power of spoken words.
2. Power of unity.
3. Power of submission.
6 cardinal Rules..
1.Never talk negative.
2. Never mess with anybodys ego.
3. Never mess with anybodys spouse.
4. Never mess with anybodys money.
5. Never do anything first time without checking your upline.
6. Never embarrass your upline.
.....These values will help each one of us in building our family life, business life and our spiritual life.
....But only if we learn to honour these britt principles .
Amway opportunity
आज का विषय बहुत ही महत्यपूर्ण विषय है।
मेरा विषय गोल हमे किस तरह सेट करना चाहिए।। सबसे पहला लक्ष्य हमारा ये होना चाहिए की हम हमेशा अपना गोल लिख कर काम करे। गोल छोटा हो या बड़ा, महत्यपूर्ण ये है कि वो लिखा हुआ होना चाहिए। आपका गोल रजिस्टर अलग से होना चाहिए।
3 बिंदु पर आपको अपना ध्यान आकर्षित करना है।
1. Personal (पर्सनल ) pv का गोल
2. Structure goal, स्ट्रक्चर गोल।
3. GROWTH goal, ग्रोथ गोल
जब भी आप अपना गोल सेटिंग करने बैठते है तो इन तीन बिंदु पर फोकस बनाये रखे।
जब भी आप अपने अप लाइन से अपने गोल के बारे में कम्युनिकेशन कर रहे है, तो ये तीन बिंदु पर बातचीत करें।
PV गोल
आपका पर्सनल pv
दूसरा आपका ग्रुप pv
आपका पर्सनल pv का गोल क्या है। और फिर अपने टीम के उन लोगो का गोल सेट करें, जिनके साथ आप पर्सनली काम कर रहे है और उनका भी पर्सनल pv और ग्रुप pv का गोल अपने रजिस्टर में लिखे।
लोगो से बातचीत इस प्रकार करे जिससे आपको उनके गोल का अनुमान सही निकालने में मदद मिले।
जैसे आपको 9% जाने से क्या क्या चीज़े रोक सकता है।
यंग अचिएवर जाने से आपको क्या रोक रहा है। उनके जवाब सुन कर आप अनुमान लगा सकते है, उनको अपने गोल के प्रति कितना विश्वास है।
उसके बाद है, हमारा स्ट्रक्चर गोल ( structure)
हमारा frontline
हमारा डेप्थ (depth )
हमारा JUNCTION, जंक्शन ( Eagle, ईगल )
हर महीने आप अपना लक्ष्य बनाए कितना नया frontline,
डेप्थ में कितना डीप इस माह जाना है, हर माह 2 डीप का गोल बना कर काम करना है।
मान ले आपका 3 फ्रंट लाइन है और 6 डीप है। आप अपना गोल 4 frontline और 8 डीप का बना सकते है।
कितने जंक्शन बनाने का गोल। आपके टीम में कितने ईगल है, अगर आप खुद ईगल नही है, तो सबसे पहले आप अपना ईगल का स्ट्रक्चर पूरा करे। 6 फ्रंट लाइन, 10 socd, 6 लेग से 15 लोग सेमिनार में उपस्थित्त हो।
ईगल का विज़न औऱ गोल डेप्थ में नए नए लोगो को तैयार करने का हर माह तैयार करे।
GROWTH गोल :
कितना new application, न्यू एप्लीकेशन गोल।
कितना socd गोल ( standing order cd )
कितना whiteboard stand , वाइट बोर्ड स्टैंड गोल।
कितना weekly open,वीकली ओपन गोल।
कितना step up offer, स्टेप् अप ऑफर गोल।
कितना young achiever,यंग अचिएवर गोल।
कितना PASE मीटिंग गोल।
कितना COVER DISH गोल।
अगर बिज़नस का ये करैक्टर , ये चरित्र आपने अपने अंदर समाहित कर लिया तो आपका और आपके टीम में कंपाउंडिंग विकास हमेशा हमेशा होता रहेगा।
जैसे एक बीज एक दिन विशाल पेड़ बन जाता है, वैसा ही आपका बिज़नस आने वाले समय में एक विशाल लिगेसी इनकम में बदल जायेगा।
याद रखे अगर आपकी सोच एक साल की है तो पौधा लगाइए।
अगर आपकी सोच 10 साल की है तो पेड़ लगाइए।
अगर आपकी सोच सौ साल की है तो अपने लोगो को ट्रेनिंग और शिक्षित कीजिये।
आपको एक लीडर की तरह सोच रखनी है, लिगेसी इनकम की सोच रखनी है, अपने बिज़नस संगठन में रिटेन गोल सेटिंग की आदत हर एक व्यक्ति की होनी चाहिए। ये हमारी जिम्मेवारी है। सन्तुलित रखे अपना PV गोल, स्ट्रक्चर गोल, GROWTH गोल, और अपने टीम में इसी तरह सभी का रिटेन गोल सेटिंग करे।
आपके बिज़नस में मैजिक होने वाला है। रिटेन गोल थोड़ा मुश्किल होता है, पर याद रखे, एक बार जब ये आदत बन गयी तो फिर कमाल होने वाला है (by EasyClip)
हमारे बिज़नस का सबसे बड़ा सीक्रेट है
हमारे बिज़नस का सबसे बड़ा सीक्रेट है, taproot बनाना।
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12.......16 17 18 19 20..
इस तरह जब आप किसी लेग को नीचे ले जाते है, उसे taproot कहते है।
और फिर ये सभी लीडर अपने अलग अलग लेग बनाते है, जंक्शन तैयार करते है, और अपने अलग अलग लेग में taproot बनाते है, तो वो हमाऱा डेप्थ कहलाता है। नीचे दिया हुआ चित्र से आप और अच्छे से समझ सकते है।
नीचे एक मोटा जड़ गया है, उसे हम taproot कहते है।
और साइड से सखाये जो निकली है, उसे डेप्थ कहते है।
जब आप किसी व्यक्ति को जॉइन करते है, तो उसके नीचे तुरन्त एक व्यक्ति को स्पांसर करे, फिर उसके नीचे स्पांसर करने में मदद करते है, फिर उसके नीचे...इस प्रकार की स्पोंसरिंग को हम taprooting कहते है।
Taprooting से लोगो की सोच बन्ध जाती है। वो बिज़नेस छोड़ने की बात सोच नही सकते। उन्हें अपना नुकसान दिखता है......दूसरा फायदा taprooting का ये है, की आपको अच्छे लीडर नीचे मिलते है। जितना नीचे आप जाते जायेगे, उतने अच्छे लीडर आपको मिलेंगे।
याद रखें सबसे अच्छे लीडर, आपके द्वारा स्पांसर करने से नही मिलेंगे, टैप रूटिंग द्वारा नीचे मिलेंगे।
हमारा लक्ष्य होना चाहिए, की हर लेग में टैप रुट 2 डीप जाना चाहिए। तभी आपको अपने बिज़नेस में मोमेंटम नज़र आने लगेगा। बड़ा बिज़नेस करना है तो नीचे काम करने की आदत बनाये। टैप रुट को नीचे लेते जाए, और 21% बिज़नेस के लिए आपका taproot 20 डीप होना ज़रूरी है। जब आप नीचे taproot को ले जा रहे है, तो ध्यान रखे.....
1. आप उनकी मदद करें।
2. आप उनको ट्रेनिंग दें...
ब्रिट सक्सेस पैरामीटर, 100% पिन, ईगल पिन, कोर प्रिंसिपल, बेसिक्स, 3 पावर्स, 6 कार्डिनल रूल्स...
अगर आपका अप लाइन taproot नही बिल्ड कर रहा है, तो वो अपने भविष्य को लेकर सीरियस नही है।
अपनी सफलता दुसरो के हाथ मे न सौपे। अपने बिज़नेस की जिम्मेवारी ले, और हर लेग के टैप रुट को 20 डीप ले कर जाए। बहुत बड़ा बिज़नेस होने वाला है।
एम्वे में ऐसे सफल लीडर है जिनका 1000 डीप टैप रुट है। सैकड़ो लोग लाखो रुपय बना रहे है।
सफल व्यक्ति और औसत व्यक्ति के बीच किस चीज़ का अंतर होता है....केवल फोकस का।
औसत व्यक्ति किसी चीज़ पर फोकस कुछ समय के लिए बना पाते है, और सफल व्यक्ति अपना फोकस तब तक बनाये रखते है, जब तक कि उनका गोल पूरा न हो जाये।
......जब आप taproot बनाते है, तो आपका बिज़नेस predictable हो जाता है। पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
Taproot 5 डीप होने पर 9%
Taproot 10 डीप होने पर 12%
Taproot 15 डीप होने पर 15%
Taproot 20 डीप होने पर 21%
कमाल है, एम्वे बिज़नेस की योजना।
.......जब आप taproot बनाते है,तो डेप्थ अपने आप ( by डिफ़ॉल्ट ) बनने लगता है।
.......जब आप taproot बनाते है, तो आप लोगो को बिज़नेस से जुड़े रहने का कारण देते है।
......taproot बनाना मतलब multa multa millionaire बनने की योजना पर काम करना।
मुझे उम्मीद है, हर लेग की taprooting करना हर महीने का लक्ष्य बनाए और इस काम मे upline का सहयोग ले। आप एम्वे वर्ल्ड के multa multa मिलियनेयर बनने जा रहे हो।
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12.......16 17 18 19 20..
इस तरह जब आप किसी लेग को नीचे ले जाते है, उसे taproot कहते है।
और फिर ये सभी लीडर अपने अलग अलग लेग बनाते है, जंक्शन तैयार करते है, और अपने अलग अलग लेग में taproot बनाते है, तो वो हमाऱा डेप्थ कहलाता है। नीचे दिया हुआ चित्र से आप और अच्छे से समझ सकते है।
नीचे एक मोटा जड़ गया है, उसे हम taproot कहते है।
और साइड से सखाये जो निकली है, उसे डेप्थ कहते है।
जब आप किसी व्यक्ति को जॉइन करते है, तो उसके नीचे तुरन्त एक व्यक्ति को स्पांसर करे, फिर उसके नीचे स्पांसर करने में मदद करते है, फिर उसके नीचे...इस प्रकार की स्पोंसरिंग को हम taprooting कहते है।
Taprooting से लोगो की सोच बन्ध जाती है। वो बिज़नेस छोड़ने की बात सोच नही सकते। उन्हें अपना नुकसान दिखता है......दूसरा फायदा taprooting का ये है, की आपको अच्छे लीडर नीचे मिलते है। जितना नीचे आप जाते जायेगे, उतने अच्छे लीडर आपको मिलेंगे।
याद रखें सबसे अच्छे लीडर, आपके द्वारा स्पांसर करने से नही मिलेंगे, टैप रूटिंग द्वारा नीचे मिलेंगे।
हमारा लक्ष्य होना चाहिए, की हर लेग में टैप रुट 2 डीप जाना चाहिए। तभी आपको अपने बिज़नेस में मोमेंटम नज़र आने लगेगा। बड़ा बिज़नेस करना है तो नीचे काम करने की आदत बनाये। टैप रुट को नीचे लेते जाए, और 21% बिज़नेस के लिए आपका taproot 20 डीप होना ज़रूरी है। जब आप नीचे taproot को ले जा रहे है, तो ध्यान रखे.....
1. आप उनकी मदद करें।
2. आप उनको ट्रेनिंग दें...
ब्रिट सक्सेस पैरामीटर, 100% पिन, ईगल पिन, कोर प्रिंसिपल, बेसिक्स, 3 पावर्स, 6 कार्डिनल रूल्स...
अगर आपका अप लाइन taproot नही बिल्ड कर रहा है, तो वो अपने भविष्य को लेकर सीरियस नही है।
अपनी सफलता दुसरो के हाथ मे न सौपे। अपने बिज़नेस की जिम्मेवारी ले, और हर लेग के टैप रुट को 20 डीप ले कर जाए। बहुत बड़ा बिज़नेस होने वाला है।
एम्वे में ऐसे सफल लीडर है जिनका 1000 डीप टैप रुट है। सैकड़ो लोग लाखो रुपय बना रहे है।
सफल व्यक्ति और औसत व्यक्ति के बीच किस चीज़ का अंतर होता है....केवल फोकस का।
औसत व्यक्ति किसी चीज़ पर फोकस कुछ समय के लिए बना पाते है, और सफल व्यक्ति अपना फोकस तब तक बनाये रखते है, जब तक कि उनका गोल पूरा न हो जाये।
......जब आप taproot बनाते है, तो आपका बिज़नेस predictable हो जाता है। पूर्वानुमान लगाया जा सकता है।
Taproot 5 डीप होने पर 9%
Taproot 10 डीप होने पर 12%
Taproot 15 डीप होने पर 15%
Taproot 20 डीप होने पर 21%
कमाल है, एम्वे बिज़नेस की योजना।
.......जब आप taproot बनाते है,तो डेप्थ अपने आप ( by डिफ़ॉल्ट ) बनने लगता है।
.......जब आप taproot बनाते है, तो आप लोगो को बिज़नेस से जुड़े रहने का कारण देते है।
......taproot बनाना मतलब multa multa millionaire बनने की योजना पर काम करना।
मुझे उम्मीद है, हर लेग की taprooting करना हर महीने का लक्ष्य बनाए और इस काम मे upline का सहयोग ले। आप एम्वे वर्ल्ड के multa multa मिलियनेयर बनने जा रहे हो।
*(वैज्ञानिकों ने बताया कितना दिलचस्प है इंसान का शरीर )*
*(वैज्ञानिकों ने बताया कितना दिलचस्प है इंसान का शरीर )*
*अद्भुत है इंसान का शरीर*
*जबरदस्त फेफड़े*
हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं. हमें इस बात की भनक भी नहीं लगती. फेफड़ों को अगर खींचा जाए तो यह टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढंक देंगे.
*ऐसी और कोई फैक्ट्री नहीं*
हमारा शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है. साथ ही, हर दिन 200 अरब से ज्यादा रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है. हर वक्त शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद होती हैं. एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं.
*लाखों किलोमीटर की यात्रा*
इंसान का खून हर दिन शरीर में 1,92,000 किलोमीटर का सफर करता है. हमारे शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकेंड में एक बार पूरे शरीर में चक्कर काट लेता है.
*धड़कन, धड़कन*
एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है. साल भर में यह 3 करोड़ से ज्यादा बार धड़क चुका होता है. दिल का पम्पिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि वह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है.
*सारे कैमरे और दूरबीनें फेल*
इंसान की आंख एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर पहचान सकती है. फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके.
*नाक में एंयर कंडीशनर*
हमारी नाक में प्राकृतिक एयर कंडीशनर होता है. यह गर्म हवा को ठंडा और ठंडी हवा को गर्म कर फेफड़ों तक पहुंचाता है.
*400 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार*
तंत्रिका तंत्र 400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शरीर के बाकी हिस्सों तक जरूरी निर्देश पहुंचाता है. इंसानी मस्तिष्क में 100 अरब से ज्यादा तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं.
*जबरदस्त मिश्रण*
शरीर में 70 फीसदी पानी होता है. इसके अलावा बड़ी मात्रा में कार्बन, जिंक, कोबाल्ट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट, निकिल और सिलिकॉन होता है.
*बेजोड़ झींक*
झींकते समय बाहर निकले वाली हवा की रफ्तार 166 से 300 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकती है. आंखें खोलकर झींक मारना नामुमकिन है.
*बैक्टीरिया का गोदाम*
इंसान के वजन का 10 फीसदी हिस्सा, शरीर में मौजूद बैक्टीरिया की वजह से होता है. एक वर्ग इंच त्वचा में 3.2 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं.
*ईएनटी की विचित्र दुनिया*
आंखें बचपन में ही पूरी तरह विकसित हो जाती हैं. बाद में उनमें कोई विकास नहीं होता. वहीं नाक और कान पूरी जिंदगी विकसित होते रहते हैं. कान लाखों आवाजों में अंतर पहचान सकते हैं. कान 1,000 से 50,000 हर्ट्ज के बीच की ध्वनि तरंगे सुनते हैं.
*दांत संभाल के*
इंसान के दांत चट्टान की तरह मजबूत होते हैं. लेकिन शरीर के दूसरे हिस्से अपनी मरम्मत खुद कर लेते हैं, वहीं दांत बीमार होने पर खुद को दुरुस्त नहीं कर पाते.
*मुंह में नमी*
इंसान के मुंह में हर दिन 1.7 लीटर लार बनती है. लार खाने को पचाने के साथ ही जीभ में मौजूद 10,000 से ज्यादा स्वाद ग्रंथियों को नम बनाए रखती है.
*झपकती पलकें*
वैज्ञानिकों को लगता है कि पलकें आंखों से पसीना बाहर निकालने और उनमें नमी बनाए रखने के लिए झपकती है. महिलाएं पुरुषों की तुलना में दोगुनी बार पलके झपकती हैं.
*नाखून भी कमाल के*
अंगूठे का नाखून सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ता है. वहीं मध्यमा या मिडिल फिंगर का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है.
*तेज रफ्तार दाढ़ी*
पुरुषों में दाढ़ी के बाल सबसे तेजी से बढ़ते हैं. अगर कोई शख्स पूरी जिंदगी शेविंग न करे तो दाढ़ी 30 फुट लंबी हो सकती है.
*खाने का अंबार*
एक इंसान आम तौर पर जिंदगी के पांच साल खाना खाने में गुजार देता है. हम ताउम्र अपने वजन से 7,000 गुना ज्यादा भोजन खा चुके होते हैं.
*बाल गिरने से परेशान*
एक स्वस्थ इंसान के सिर से हर दिन 80 बाल झड़ते हैं.
*सपनों की दुनिया*
इंसान दुनिया में आने से पहले ही यानी मां के गर्भ में ही सपने देखना शुरू कर देता है. बच्चे का विकास वसंत में तेजी से होता है.
*नींद का महत्व*
नींद के दौरान इंसान की ऊर्जा जलती है. दिमाग अहम सूचनाओं को स्टोर करता है. शरीर को आराम मिलता है और रिपेयरिंग का काम भी होता है. नींद के ही दौरान शारीरिक विकास के लिए जिम्मेदार हार्मोन्स निकलते हैं.
OUR BODY IS VERY PRECIOUS, PLEASE TAKE CARE OF YOURSELF
Deshpriya mourya,sagar( mp) m 7974858416
*अद्भुत है इंसान का शरीर*
*जबरदस्त फेफड़े*
हमारे फेफड़े हर दिन 20 लाख लीटर हवा को फिल्टर करते हैं. हमें इस बात की भनक भी नहीं लगती. फेफड़ों को अगर खींचा जाए तो यह टेनिस कोर्ट के एक हिस्से को ढंक देंगे.
*ऐसी और कोई फैक्ट्री नहीं*
हमारा शरीर हर सेकंड 2.5 करोड़ नई कोशिकाएं बनाता है. साथ ही, हर दिन 200 अरब से ज्यादा रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है. हर वक्त शरीर में 2500 अरब रक्त कोशिकाएं मौजूद होती हैं. एक बूंद खून में 25 करोड़ कोशिकाएं होती हैं.
*लाखों किलोमीटर की यात्रा*
इंसान का खून हर दिन शरीर में 1,92,000 किलोमीटर का सफर करता है. हमारे शरीर में औसतन 5.6 लीटर खून होता है जो हर 20 सेकेंड में एक बार पूरे शरीर में चक्कर काट लेता है.
*धड़कन, धड़कन*
एक स्वस्थ इंसान का हृदय हर दिन 1,00,000 बार धड़कता है. साल भर में यह 3 करोड़ से ज्यादा बार धड़क चुका होता है. दिल का पम्पिंग प्रेशर इतना तेज होता है कि वह खून को 30 फुट ऊपर उछाल सकता है.
*सारे कैमरे और दूरबीनें फेल*
इंसान की आंख एक करोड़ रंगों में बारीक से बारीक अंतर पहचान सकती है. फिलहाल दुनिया में ऐसी कोई मशीन नहीं है जो इसका मुकाबला कर सके.
*नाक में एंयर कंडीशनर*
हमारी नाक में प्राकृतिक एयर कंडीशनर होता है. यह गर्म हवा को ठंडा और ठंडी हवा को गर्म कर फेफड़ों तक पहुंचाता है.
*400 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार*
तंत्रिका तंत्र 400 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से शरीर के बाकी हिस्सों तक जरूरी निर्देश पहुंचाता है. इंसानी मस्तिष्क में 100 अरब से ज्यादा तंत्रिका कोशिकाएं होती हैं.
*जबरदस्त मिश्रण*
शरीर में 70 फीसदी पानी होता है. इसके अलावा बड़ी मात्रा में कार्बन, जिंक, कोबाल्ट, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फॉस्फेट, निकिल और सिलिकॉन होता है.
*बेजोड़ झींक*
झींकते समय बाहर निकले वाली हवा की रफ्तार 166 से 300 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकती है. आंखें खोलकर झींक मारना नामुमकिन है.
*बैक्टीरिया का गोदाम*
इंसान के वजन का 10 फीसदी हिस्सा, शरीर में मौजूद बैक्टीरिया की वजह से होता है. एक वर्ग इंच त्वचा में 3.2 करोड़ बैक्टीरिया होते हैं.
*ईएनटी की विचित्र दुनिया*
आंखें बचपन में ही पूरी तरह विकसित हो जाती हैं. बाद में उनमें कोई विकास नहीं होता. वहीं नाक और कान पूरी जिंदगी विकसित होते रहते हैं. कान लाखों आवाजों में अंतर पहचान सकते हैं. कान 1,000 से 50,000 हर्ट्ज के बीच की ध्वनि तरंगे सुनते हैं.
*दांत संभाल के*
इंसान के दांत चट्टान की तरह मजबूत होते हैं. लेकिन शरीर के दूसरे हिस्से अपनी मरम्मत खुद कर लेते हैं, वहीं दांत बीमार होने पर खुद को दुरुस्त नहीं कर पाते.
*मुंह में नमी*
इंसान के मुंह में हर दिन 1.7 लीटर लार बनती है. लार खाने को पचाने के साथ ही जीभ में मौजूद 10,000 से ज्यादा स्वाद ग्रंथियों को नम बनाए रखती है.
*झपकती पलकें*
वैज्ञानिकों को लगता है कि पलकें आंखों से पसीना बाहर निकालने और उनमें नमी बनाए रखने के लिए झपकती है. महिलाएं पुरुषों की तुलना में दोगुनी बार पलके झपकती हैं.
*नाखून भी कमाल के*
अंगूठे का नाखून सबसे धीमी रफ्तार से बढ़ता है. वहीं मध्यमा या मिडिल फिंगर का नाखून सबसे तेजी से बढ़ता है.
*तेज रफ्तार दाढ़ी*
पुरुषों में दाढ़ी के बाल सबसे तेजी से बढ़ते हैं. अगर कोई शख्स पूरी जिंदगी शेविंग न करे तो दाढ़ी 30 फुट लंबी हो सकती है.
*खाने का अंबार*
एक इंसान आम तौर पर जिंदगी के पांच साल खाना खाने में गुजार देता है. हम ताउम्र अपने वजन से 7,000 गुना ज्यादा भोजन खा चुके होते हैं.
*बाल गिरने से परेशान*
एक स्वस्थ इंसान के सिर से हर दिन 80 बाल झड़ते हैं.
*सपनों की दुनिया*
इंसान दुनिया में आने से पहले ही यानी मां के गर्भ में ही सपने देखना शुरू कर देता है. बच्चे का विकास वसंत में तेजी से होता है.
*नींद का महत्व*
नींद के दौरान इंसान की ऊर्जा जलती है. दिमाग अहम सूचनाओं को स्टोर करता है. शरीर को आराम मिलता है और रिपेयरिंग का काम भी होता है. नींद के ही दौरान शारीरिक विकास के लिए जिम्मेदार हार्मोन्स निकलते हैं.
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